नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डॉ. राजेंद्र प्रसाद विधि संस्थान को नैनीताल से भीमताल स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के खिलाफ छात्रों ने रोष व्यक्त किया है। विद्यार्थियों ने स्थानांतरण योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। काजल बिष्ट के अनुसार नैनीताल में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, उच्च न्यायालय व जिला न्यायालय की निकटता को देखते हुए प्रवेश लिया। यहां प्रवेश से वरिष्ठ अधिवक्ताओं से संवाद करने और व्यावहारिक इंटर्नशिप के अवसर मिलते जो भीमताल शिफ्ट होने के बाद पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। काव्यांश ने कहा कि प्रवेश के समय उन्हें इस तरह की किसी भी स्थानांतरण योजना की जानकारी नहीं दी गई थी जो उनके साथ एक तरह का अन्याय है। कुलपति प्रो. डीएस रावत ने कहा कि भीमताल परिसर में विधि संस्थान के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को एक बड़े और संसाधन संपन्न परिसर में शिफ्ट करना है ताकि वहां शोध और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को विस्तार दिया जा सके। संवाद