हल्द्वानी के बहुउद्देशिय भवन में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीजीपी अशोक कुमार। संवाद
हल्द्वानी। बच्चों को भिक्षा नहीं, शिक्षा दें मुहिम के तहत डीजीपी ने शुक्रवार को नैनीताल जिले में हुई प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों से भीख मंगवाने वाले माता-पिता को गिरफ्तार किया जाएगा।
डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाने में सबसे ज्यादा दोषी माता-पिता होते हैं। अगर हम उन्हें गिरफ्तार करें तो हमारे सामने समस्या होती है कि फिर बच्चा अकेला रह जाएगा। पर कुछ मां-बाप समझाने के बाद भी नहीं मान रहे हैं। ऐसे मां-बाप को अब गिरफ्तार किया जाएगा। कहा कि हमने ऑपरेशन मुक्ति के तहत ये भी देखा कि कुछ बच्चे भिक्षा मांगना छोड़कर स्कूल में पहुंच जाते हैं लेकिन बाद में स्कूल छोड़ देते हैं। हमें इस समस्या का भी समाधान ढूंढना होगा। कहा कि साल 2017 से यह मुहिम शुरू हुई है और अब तक पूरे प्रदेश में 3600 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त किया गया है। उन्होंने बच्चों को भिक्षा नहीं बल्कि शिक्षा देने में सहयोग करने का आह्वान किया। इससे पहले एसपी जगदीश चंद्र ने बताया कि नैनीताल जिले में पिछले कुछ साल में 167 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया जिसमें से 150 बच्चे निजी और सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं। इस दौरान भिक्षावृत्ति से मुक्त होकर स्कूल गए बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों से ऐसे 100 बच्चे पहुंचे थे। गुंजन बिष्ट अरोरा ने भी मुहिम में अपने अनुभवों को साझा किया।
डीजीपी ने इस अभियान में नैनीताल जिले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आरक्षी हरजीत सिंह को मेडल देने की संस्तुति भी की। इस दौरान आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी पंकज भट्ट, पुलिस अधीक्षक दूरसंचार बसंत बल्लभ तिवारी, सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी, पीआरओ डीजीपी शांतनु पराशर, सीओ भवाली नितिन लोहनी, सीओ लालकुआं संगीता आदि पुलिसकर्मी मौजूद थे।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम शुरू, शहर पर नजर रखेगी खाकी
हल्द्वानी। शुक्रवार को पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में नवनिर्मित सीसीटीवी कंट्रोल रूम का डीजीपी अशोक कुमार ने उद्घाटन किया। शहर की विभिन्न सड़कों और व्यस्ततम चौराहों को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया है जिसका कंट्रोल रूम पुलिस बहुउद्देशीय भवन में है। यहां से पुलिस कर्मी 24 घंटे शहर पर अपनी नजर रखेंगे। डीजपी ने मोबाइल रिकवरी सेल, अभिसूचना इकाई, एसओजी कार्यालय और पुलिस संचार केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ सोशल मीडिया मॉनीटरिंग, सीसीटीएनएस, कुमाऊं परिक्षेत्र स्तर पर संचालित विभिन्न अभियानों की भी समीक्षा की।