बेस अस्पताल की दीवार में लगी सीलन।
हल्द्वानी। अगर आप बेस अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ के लिए जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। वजह है बेस अस्पतालों की दीवारों को सीलन का रोग। सीलन के कारण मरीज से लेकर अस्पताल स्टाफ संक्रमण का शिकार हो सकता है। ऐसे में अस्पताल स्वस्थ करने के बजाय आपको और ज्यादा बीमार बना सकता है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन जल्द समस्या के हल का दावा कर रहा है।
बेस अस्पताल लगातार अपनी दुश्वारियों के चलते सुर्खियों में बना हुआ है। बीते दिनों अस्पताल में चल रहे डायलिसिस केंद्र में पानी के संकट के चलते मरीजों को जूझना पड़ा था। बरसात के मौसम में बेस अस्पताल की दीवारों में सीलन की दिक्कत पैदा हो गई है। खासकर दो मंजिल में हड्डी रोग विभाग और निचले तले में महिला सर्जिकल वार्ड की दीवारों में आ रही सीलन से मरीजों के साथ तीमारदारों के भी बीमार होने का खतरा बना हुआ है। उमसभरी गर्मी में पंखे भी राहत नहीं दे पा रहे हैं। कुछ वार्डों में कूलर नहीं चलने से दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। अस्पताल में बिजली जाने पर जेनरेटर नहीं चलने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। अस्पताल के अधिकारी समस्या हल नहीं करा पा रहे हैं।
सीलन से इन बीमारियों का है खतरा
एलर्जी, त्वचा का संक्रमण, निमोनिया, वायरल इंफेक्शन, फंगस, अस्थमा, खांसी, जुकाम आदि।
कूलर खराब होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। निरीक्षण कराकर इन्हें ठीक किया जाएगा। बरसात में सीलन कहीं-कहीं हो सकती है। प्रस्ताव तैयार कर समस्या का निदान कराया जाएगा।
डॉ. केके पांडे, पीएमस बेस अस्पताल