नैनीताल। हाईकोर्ट ने बाल विकास विभाग में मिशन वात्सल्य के तहत नियुक्त अस्थायी कर्मचारियों को हटाने के आदेश पर फिलहाल रोक लगाते हुए सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पिथौरागढ़ के अंकित जोशी और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि हाल ही में सचिव महिला एवं बाल विकास की ओर से शासनादेश जारी कर उनको हटाकर पिथौरागढ़ की आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारियों की नियुक्ति के आदेश दिए थे। डीएम को इसकी जिम्मेदारी दी थी।
याचिकाकर्ता के अनुसार परियोजना में भारत सरकार 90 प्रतिशत फंड देती है। दस प्रतिशत राज्य सरकार का है। भारत सरकार ने परियोजना में नियमित या संविदा पर नियुक्ति की गाइडलाइन जारी की है। लेकिन सरकार गाइडलाइन का उल्लंघन कर आउटसोर्सिंग से नियुक्ति कर रही है जो नियमों का उल्लंघन है। परियोजना के तहत नियुक्त कर्मचारियों की ओर से बाल सुधार गृह व अन्य कार्य किए जाते हैं।