नैनीताल। हाईकोर्ट ने सूखाताल में सौंदर्यीकरण के नाम पर हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक जारी रखते हुए इस प्रकरण पर सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तिथि नियत की है। कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण उत्तराखंड ने हाईकोर्ट के समक्ष जवाब दाखिल कर कहा कि सूखाताल झील विकास परियोजना के लिए उसके समक्ष सरकार की ओर से कभी कोई आवेदन नहीं किया गया। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि परियोजना के लिए उससे पर्यावरण मंजूरी लेना अनिवार्य था। कोर्ट ने स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी उत्तराखंड को दोबारा नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तिथि तय की है।