नैनीताल। हाईकोर्ट ने रामनगर के उदयपुरी बंदोबस्त में रामनगर नैचुरल स्क्रीनिंग प्लांट (स्टोन क्रशर) के निर्माण पर लगी रोक को बढ़ा दिया है। कोर्ट ने प्लांट मालिक से संचालन के लिए 2021 से पहले मिली मंजूरी संबंधी दस्तावेज 25 अप्रैल 2023 से पहले पेश करने के लिए कहा है।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के रामनगर निवासी अजीत सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार की ओर से रामनगर उदयपुरी बंदोबस्त में स्क्रीनिंग प्लांट लगाने की अनुमति प्रदान की है। यह आबादी क्षेत्र है, यहां प्लांट औद्योगिक विकास बोर्ड के मानकों को पूरा नहीं करता। राज्य सरकार ने नियमों के विरुद्ध जाकर इसके संचालन की अनुमति दी। याचिकाकर्ता की ओर से स्थापित हो रहे स्क्रीनिंग प्लांट के निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान प्लांट मालिक ने कहा कि उन्हें 2021 से पहले मंजूरी मिली थी। इसलिए 2021 के बाद की पॉलिसी उन पर लागू नहीं होती। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया इन्हें मंजूरी 2021 के बाद मिली है। इसलिए इसका संचालन नहीं कर सकते है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अप्रैल की तिथि नियत की।