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अनुपमा गुलाटी हत्याकांड: आजीवन कारावास की सजा काट रहे राजेश की शार्ट टर्म बेल 21 दिन बढ़ी

Thu, 22 Sep 2022 12:50 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल

सार

बता दें कि राजेश गुलाटी ने 17 अक्तूबर 2010 को अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की निर्मम हत्या की थी। शव को छिपाने के लिए उसने शव के 72 टुकड़े कर उसे डीप फ्रिज में डाल दिया था।
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नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे राजेश गुलाटी की शॉर्ट टर्म जमानत 21 दिन और बढ़ा दी है। हाईकोर्ट ने सर्जरी के चलते उसे राहत दी है। मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई।

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अभियुक्त राजेश गुलाटी को पूर्व में भी कोर्ट ने 45 दिन और 10 दिन की शॉर्ट टर्म जमानत दी थी। गुलाटी की ओर से बुधवार को कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि उसकी शॉर्ट टर्म जमानत की अवधि 23 सिंतबर को समाप्त हो रही है। उसकी सर्जरी हुई है इसलिए डॉक्टरों ने उसे आराम करने की सलाह दी है।

यह है मामला

राजेश गुलाटी ने 17 अक्तूबर 2010 को अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की निर्मम हत्या की थी। शव को छिपाने के लिए उसने शव के 72 टुकड़े कर उसे डीप फ्रिज में डाल दिया था। 12 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई दिल्ली के देहरादून आने पर हत्या का खुलासा हुआ। देहरादून कोर्ट ने राजेश गुलाटी को एक सितंबर 2017 को आजीवन कारावास की सजा और 15 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। 70 हजार राजकीय कोष में जमा करने व शेष राशि उसके बच्चों के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में माना। राजेश गुलाटी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसने 1999 में लव मैरिज करके शादी की थी। राजेश गुलाटी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में 2017 में चुनौती थी।

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