समय : 1:15, स्थान: सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी
रोगी- एंटी रैबीज का इंजेक्शन लग सकता है। अस्पताल का स्टाफ... यहां पर एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगती है। अभी आपके पास समय है। अगर बेस अस्पताल चले जाएंगे तो एंटी रैबीज वैक्सीन लग जाएगी। रोगी, अगर बाहर से खरीद कर ले आएं तो। स्टाफ, पहले आप बेस अस्पताल में कोशिश करें वरना यहां पर पर्चा बना लेना और वैक्सीन लेते आना लगा देंगे।
केस-2
समय 2:45 स्थान= बेस अस्पताल की इमरजेंसी
रोगी, हमारे एक परिचित को कुत्ते ने काटा हुआ है। अगर उनको ले आएं तो एंटी रैबीज का इंजेक्शन लग जाएगा। मेडिकल स्टाफ.... यहां पर लगाने की व्यवस्था नहीं है। यहां पर टिटनेस का लग जाएगा। कल ओपीडी के समय ले आना लग जाएगा।
केस-3
समय: 2:45
स्थान- नैनीताल बीडी पांडे अस्पताल
क्या एंटी रैबीज का इंजेक्शन लग सकेगा। चिकित्सा कर्मी...अभी टिटनेस का लगवा लो। कल सुबह अस्पताल में आ जाएं .. लग जाएगा।
माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए दावे होते रहते हैं पर हाल यह है कि अस्पतालों में सर्पदंश के एंटी वेनम तो मौजूद हैं, लेकिन कुत्ते, बिल्ली, चूहे के काटने के बाद लगने वाले एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने की व्यवस्था में खामियां हैं।
कुमाऊं का सबसे बड़ा सरकारी सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) है। पूर्व में यहां पर भर्ती रोगियों को दवा दी जाती थी। करीब तीन महीने से ओपीडी रोगियों को भी दवा उपलब्ध कराई जाने लगी है। करीब ढाई करोड़ रुपये दवा खरीद में खर्च होता है लेकिन यहां पर एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लग सकता है। अगर लगवाना है तो बाहर से खरीदकर लाना होगा।
बेस अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था है लेकिन उसका समय तय है। अगर दो बजे के बाद किसी को कुत्ते ने काटा है और उसे एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाना है तो उसे अगले दिन इंतजार करना होगा। अगर शनिवार को आप वैक्सीन लगाने पहुंचते हैं तो आपको सोमवार आने के लिए कहा जाएगा। क्योंकि रविवार को यह व्यवस्था भी बंद रहती है। कमोबेश यही स्थिति बीडी पांडे अस्पताल की रहती है।
1500 से अधिक का खर्चा आता है
हल्द्वानी। एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने का एक शेड्यूल है। इसमें एक तय समय में जीरो से लेकर 28 दिन में क्रम से पांच इंजेक्शन लगवाने होते हैं। अगर इन इंजेक्शनों को बाजार से खरीद कर व्यक्ति लगवाए तो 1500 रुपये का खर्च आता है।
क्या कहते हैं अधिकारी-
हल्द्वानी। मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी कहते हैं कि अभी एंटी रैबीज वैक्सीन की व्यवस्था नहीं है। प्रयास किया जाएगा यह वैक्सीन भी लोगों को उपलब्ध हो सके। बेस अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सविता ह्यांकी कहती हैं अस्पताल में दो बजे तक औसतन सौ एंटी रैबीज वैक्सीन लगती हैं। दो बजे के बाद न लगने का सवाल है तो यह व्यवस्था प्रदेश के हर सरकारी अस्पताल में है।