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Nainital News: शिशु को जन्म देने के बाद एक और मां की जान गई

Tue, 08 Aug 2023 02:03 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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गौनियारों निवासी मृतक मुन्नी देवी की फाइल फोटो। संवाद 
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भीमताल (नैनीताल)। प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का सिर्फ दावा ही किया जाता है, सुविधाएं मिलतीं नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में ओखलकांडा विकासखंड के गौनियारों गांव में रविवार की रात शिशु को जन्म देने के आधे घंटे बाद मां की तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया।
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रविवार देर रात गौनियारों निवासी मुन्नी देवी (25) पत्नी प्रेम सिंह को प्रसव पीड़ा हुई। घर में ही गांव की महिलाओं की मदद से मुन्नी देवी ने नवजात शिशु को जन्म दिया। करीब आधे घंटे बाद अचानक मुन्नी देवी की तबीयत बिगड़ गई और ग्रामीण कुछ कर पाते उससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। नवजात स्वस्थ है। मुन्नी देवी की पहले से ही तीन बेटियां हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने गमगीन माहौल में महिला का अंतिम संस्कार किया गया। महिला का पति प्रेम सिंह वाहन चलाकर परिवार का खर्चा चलाता है।



गर्भवतियों को होटल में ठहराने की सरकार ने की है घोषणा



शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जुलाई में दूरस्थ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए डिलीवरी से पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित होटलों में निशुल्क ठहरने की घोषणा भी की थी। लेकिन सरकार की यह घोषणा धरातल पर कितना उतर पाएगी इसे लेकर भी लोगों ने कई सवाल खड़े किए हैं।
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ग्रामीणों ने महकमे तो विभाग ने परिजनों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया



स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने महिला की मौत के लिए सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार, शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताई है। सूचना पर ओखलकांडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने सोमवार को गांव पहुंचकर नवजात शिशु की जांच की तो जांच में शिशु स्वस्थ मिला। डॉक्टर ने महिला की मौत के लिए परिजनों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है।

जनप्रतिनिधियों का कहना

गौनियारों की ग्राम प्रधान हेमा देवी ने कहा कि सरकार, शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन आज तक किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते मुन्नी देवी को जान गंवानी पड़ी।



कांग्रेस नेता मदन नौलिया ने कहा कि ओखलकांडा में स्वास्थ्य सुविधाएं और सड़क के अभाव में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। सरकार, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से भी स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर नहीं हो पा रहीं हैं। सोशल मीडिया पर भी ग्रामीण महिला की मौत के लिए सरकार, शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।



डॉक्टर की बात



गौनियारों निवासी मुन्नी देवी की मौत की खबर सोमवार सुबह मिली। सोमवार को एएनएम ने गांव में जाकर नवजात की जांच की जिसमें वह स्वस्थ मिला। महिला की 17 अगस्त की डिलीवरी की तारीख थी। पिछले शनिवार को एएनएम गौनियारों गांव में गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के लिए गई थी। एएनएम ने मुन्नी देवी को भी टीकाकरण और जांच के लिए बुलाया था लेकिन वह टीका लगवाने नहीं पहुंची। प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों को 108 एंबुलेंस पर फोन करना चाहिए था। उन्होंने घर पर ही डिलीवरी करा दी। परिजन रात में ही महिला को अस्पताल ले आते तो मुन्नी देवी बच जातीं। - डॉ. पूजा सिंह, ओखलकांडा स्वास्थ्य केंद्र

सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा गया है। पता लगाया जाएगा कि घर पर डिलीवरी कराने का क्या कारण रहा है। ओखलकांडा स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। -


स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में रेफरल अस्पताल बन गया



ओखलकांडा के पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते मरीजों को हल्द्वानी, रुद्रपुर, बरेली, दिल्ली के अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। गौनियारों के बीमार ग्रामीणों को उपचार के लिए 40 किमी दूर ओखलकांडा के पीएचसी और 70 किमी दूर हल्द्वानी के अस्पतालों में इलाज कराना मजबूरी बन गया है। ग्रामीण लंबे समय से ओखलकांडा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, फीजिशियन, सर्जन और रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार, सांसद, विधायक और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई पहल नहीं हो पाई है।
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