नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के ही पूर्व छात्र प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट सोमवार को नए नियमित कुलपति के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे। इसके साथ ही विवि के इतिहास की एक अनूठी घटना होगी कि संस्थान के शीर्ष पदों पर रहने वाले लगातार तीन शिक्षाविद इसी विवि के पूर्व छात्र रहे हैं। निवर्तमान कुलपति प्रो. डीएस रावत, कार्यवाहक कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और अब नए नियमित कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट तीनों ही कुमाऊं विवि से पढ़कर निकले हैं। इस बीच विवि के प्रशासनिक इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। कुलपति प्रो. डीएस रावत का इस्तीफा राजभवन ने 31 अगस्त को स्वीकार करने के बाद मुक्त विवि के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी को यहां का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। प्रो. लोहनी का यह कार्यकाल 1 सितंबर से 6 सितंबर तक केवल छह दिनों का रहा, जो कुमाऊं विवि के इतिहास में अब तक का सबसे संक्षिप्त सेवाकाल है।
नए कुलपति के समक्ष होंगी ये 5 बड़ी चुनौतियां
- शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाना, लंबित पड़ी परीक्षाओं को समय पर संपन्न कराना।
- विवि में लंबे समय से शिक्षक, कर्मचारियों के पदों को भरना।
- डीएसबी परिसर में आंदोलनरत छात्रों के गुस्से को शांत कर यहां बेहतर माहौल देना।
- नए परिसरों के निर्माण कार्यों और मेरु परियोजनाओं को गति देना।
- आगामी छात्र संघ चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना।