रामनगर। जंगलों की सुरक्षा के लिए अब एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि हाईटैक तरीके से तस्करों, शिकारियों पर नजर रखी जा सके। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जनसहयोग जरूरी है, जिसके लिए वन विभाग प्रयासरत है। यह बात पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ रंजन मिश्रा ने कही। कॉर्बेट पार्क के 89 वर्ष होने के मौके पर रामनगर पहुंचे पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने बताया कि अगले साल कॉर्बेट पार्क की स्थापना को 90 साल हो जाएंगे। यहां लगातार नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐसे में जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल होगा। जंगलों की सुरक्षा के साथ बाघ लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। बाघों की फेज फोर की गणना रिपोर्ट इस माह के अंतिम सप्ताह जारी होगी। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में इसको लेकर कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं सुरक्षा को देखते हुए रोड मैप भी तैयार किया जा रहा है, ताकि आगामी चुनौतियाें का सामना किया जा सके। मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए जनसहयोग जरूरी है और इसमें सभी को वन विभाग का साथ देना चाहिए।