हल्द्वानी। मिट्टी के सैंपल में 17 सूक्ष्म पोषक तत्वों के अलावा मुख्य पोषक तत्व नाइट्रोजन, पोटाश और फास्फोरस की कमी पाई गई थी। कृषि विभाग ने मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए किसानों को पोषक तत्व देने की तैयारी कर ली है ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो सके।
जिले के आठ ब्लाकों में न्याय पंचायतवार प्रत्येक ब्लाक से 10-10 गांवों में लिए गए सैंपल में मुख्य पोषक तत्वों के अलावा जिंक, कैल्शियम, आयरन, कॉपर, बोरान, सल्फर समेत 17 पोषक तत्वों की जांच की गई थी और कुछ न्याय पंचायतों में पौधों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए जिम्मेदार मुख्य पोषक तत्व की भी कमी देखने को मिली थी जिसके बाद कृषि विभाग ने अब कार्ययोजना तैयार कर ली है।
मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि प्रस्ताव निदेशालय को भेजा है जिन न्याय पंचायतों पर पोषक तत्वों की ज्यादा कमी है वहां कृषि विभाग निशुल्क और अन्य प्रभावित किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर पोषक तत्व उपलब्ध कराएगा।
मुख्य पोषक तत्व
नाइट्रोजन की कमी से फसल की बढ़वार प्रभावित होती है। वहीं फास्फोरस की कमी से पौधों की जड़ों का विकास रुक जाता है। पोटाश की कमी से पौधों की प्रतिरोधक क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
न्याय पंचायतवार मुख्य और सूक्ष्म पोषक तत्व
रामगढ़ में 1007 सैंपल लिए गए थे जिनमें नैकाना न्याय पंचायत में पोटाश की कमी काफी निम्न रही। ओखलकांडा में नाई न्याय पंचायत में भी पोटाश, कोटाबाग ब्लाक के कालाढूंगी न्याय पंचायत, हल्द्वानी में हरिपुर बच्ची न्याय पंचायत में भी पोटाश की कमी देखने को मिली। इसके अलावा इन ब्लाकों के अन्य न्याय पंचायतों में कहीं नाइट्रोजन और कहीं फास्फोरस मध्यम या फिर उच्च स्तर का मिला। इसके अलावा सूक्ष्म पोषक तत्वों में रामगढ़ ब्लाक में अधिकांश जगहों पर सल्फर, धारी में सल्फर और बोरान, ओखलकांडा में सल्फर, जिंक, बोरान, आयरन, बेतालघाट में सल्फर, बोरान, कॉपर, कोटाबाग में सल्फर, बोरान, आयरन, मैग्नीशियम और कॉपर, हल्द्वानी में सल्फर, जिंक, बोरान, आयरन, कॉपर, रामनगर में सल्फर, आयरन, कॉपर और भीमताल में सल्फर और कॉपर की कमी देखने को मिली।...........