नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत ने विवि में शोध के लिए 2.15 करोड़ का आंतरिक शोध अनुदान स्वीकृत किया है। डीएसबी और भीमताल परिसर के शिक्षकों के लिए शुरू की गई इस योजना का यह चौथा चक्र है। कुलपति प्रो. रावत ने बताया कि उन्होंने स्वयं दो दिनों तक शोध प्रस्तावों का मूल्यांकन कर उनकी गुणवत्ता और सामाजिक उपयोगिता सुनिश्चित की। योजना के पूर्व परिणामों में बायोफ्लॉक तकनीक, मशरूम व तितली की नई प्रजातियों की खोज और दुर्लभ पटवा पौधे व कीड़ा जड़ी पर उल्लेखनीय कार्य शामिल हैं। शोध की प्रयोगात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय में 90 लाख की लागत से अत्याधुनिक प्रयोगशाला उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं। एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्नातकोत्तर (एसएससी) छात्रों को भी शोध से जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई विद्यार्थियों के शोध पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। प्रो. रावत ने कहा भविष्य में नवाचार, स्थानीय समस्याओं के समाधान और छात्र सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे विवि की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी।