एलएलबी के छात्र पार्थ सामंत हत्याकांड का पुलिस ने 22 दिन बाद खुलासा कर दिया। दोस्त ने ही उसकी हत्या की थी। दोस्त के हाथ से कार में लस्सी गिरने पर पार्थ ने आपत्ति जताई थी। बात इतनी बढ़ी कि उसने गला घोंटकर पार्थ की हत्या कर दी।
बुधवार को पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि 31 अक्तूबर को आरके टेंट हाउस के पास कार में बच्चीनगर नंबर एक लामाचौड़ निवासी पार्थ सामंत का शव मिला था। पहले पुलिस नशे का अधिक सेवन से मौत होना मान रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह और गला दबाने की पुष्टि होने के बाद पार्थ के पिता राजेंद्र सिंह सामंत ने तीन युवकों पर बेटे की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले के खुलासे के लिए टीमें गठित की गईं। घटनास्थल के पास सीसीटीवी फुटेज में पार्थ के संग उसके तीन दोस्त सिद्धार्थ उर्फ सैमुअल, मयंक कन्याल और कमल रावत दिखे।
मयंक से पूछताछ की तो उसने बताया कि पार्थ के साथ अंतिम बार धानमिल चौराहा बैंक आफ बड़ौदा के पीछे रहने वाला कमल रावत ही था। इस पर पुलिस ने कमल की तलाश शुरू की। मंगलवार शाम उसे भाखड़ा पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। कमल ने पुलिस को बताया कि मयंक और पार्थ उसके दोस्त हैं और तीनों शराब, स्मैक व डौरेक्स का नशा करते हैं। 31 अक्तूबर को वे कार में घूमे। सिद्धार्थ भी साथ था। नशा करने के बाद सिद्धार्थ को उसकी बाइक के पास छोड़ दिया गया। वह पार्थ व मयंक के साथ रोडवेज में मैगी, अंडा खाने पहुंचा। मजाक में उसने अपनी मैगी पार्थ की प्लेट में डाल दी। इस पर कहासुनी हो गई। पार्थ उसे बार-बार इसी बात पर डांटने लगा। इसके बाद तीनों आरके टेंट हाउस के पास पहुंचे।
जहां मयंक ने पार्थ से 500 रुपये लेकर स्मैक दी और खुद चला गया। पार्थ व कमल रावत ने स्मैक का नशा किया। इस बीच कार में लस्सी पीने के दौरान कमल के हाथ से लस्सी गिर गई। इस बात पर पार्थ कमल से गालीगलौज करने लगा। चुप नहीं होने पर उसने मुंह दबाने के बाद उसका गला दबा दिया, लेकिन पता नहीं था कि पार्थ की मौत हो जाएगी। नशा अधिक होने पर वह भी कार के अंदर ही सो गया। सुबह उठा तो पार्थ बेहोश था। उठाने पर नहीं उठा। अपने कपड़े बदलने के बाद वह सुबह साढ़े नौ बजे कार में पार्थ का फोन छोड़ शीशे बंद कर भाग गया।
बयान बदलने पर पुलिस को हुआ शक
पुलिस के अनुसार, कमल रावत सनकी मिजाज का है। वह जहां नौकरी करता था, वहीं मालिक से मारपीट कर चुका है। रोडवेज में कुछ लोगों से मारपीट करने का उसका वीडियो वायरल हो चुका है। 31 अक्तूबर को भी उसने आक्रोश में पार्थ को मौत के घाट उतार दिया। एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि कमल रावत बार-बार बयान बदल रहा था। इस कारण उस पर शक हुआ।