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3.78 करोड़ की के फ्रॉड में विदित अक्षय विजन निधि लिमिटेड कंपनी के निदेशक पर मुकदमा दर्ज

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हल्द्वानी। बैंकों की तर्ज पर बचत और चालू स्कीम चलाकर निवेश कंपनी ने निवेशकों की करोड़ों की रकम हड़प ली। उन्होंने जब रकम वापस मांगी तो कंपनी अधिकारियों ने मना कर दिया और बातचीत भी बंद कर दी। कंपनी की ओर से कुछ निवेशकों को दिए गए चेक भी बाउंस हो गए। कोतवाली पुलिस ने कंपनी के निदेशक समेत दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
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नैनीताल जिले के गांव कमोला निवासी पीड़ित हरीश चंद्र बधानी, मोहन चंद्र सती, तारा दत्त रानी, हेमा और शोभा बिष्ट ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि साल 2014 में विदित अक्षय विजन निधि लिमिटेड कंपनी की शुरुआत हुई थी। 16 अक्तूबर 2017 को कंपनी पंजीकृत हुई। कंपनी एफडी, आरडी और एमआईएस जैसी कई स्कीम चला रही थी जिसमें कई लोगों ने धनराशि निवेश की।शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, कंपनी ने 21 लोगों के तीन करोड़ 78 लाख चालीस हजार रुपये की रकम हड़प ली है। इसका विरोध हुआ तो कंपनी संस्थापक व निदेशक अरविंद पंत और कामकाज संभाल रहे योगेश कुमार कांडपाल ने ग्राहकों पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। दबाव डालने पर कंपनी ने कुछ लोगों को चेक दिए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए।
मामले की शिकायत पर एसएसपी पंकज भट्ट ने जांच के निर्देश दिए। शुक्रवार देर रात कोतवाली पुलिस ने बिठोरिया नंबर एक स्थित सोल्जर कॉलोनी निवासी कंपनी निदेशक अरविंद पंत और काठगोदाम स्थित मल्ला ब्यूरा निवासी योगेश कुमार कांडपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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कई कंपनियों का कर रहे थे संचालन, बागेश्वर में भी मुकदमा
शिकायतकर्ताओं ने एसएसपी को बताया कि कंपनी निदेशक अलग-अलग नामों से कई कंपनियां संचालित कर रहे हैं। इनमें विजन सोशल सोसाइटी, अतुल विजन वेलफेयर सोसाइटी, अपूर्व कमाऊं सदस्य विकास निधि लिमिटेड, एराइज गैलेक्सी हल्द्वानी शामिल हैं। वहीं शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कंपनी के खिलाफ बागेश्वर थाने में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो चुका है। वहां भी कंपनी ने बड़ी संख्या में ग्राहकों के करीब तीन से साढ़े तीन करोड़ की धनराशि हड़प कर ली है।
किसकी कितनी रकम हड़पी
पुलिस को दी तहरीर के मुताबिक चंपा बिष्ट-45 लाख, पुष्पा बिष्ट-11 लाख, गीता फर्त्याल-6.84 लाख, मोहन चंद्र सती-16 लाख, कुशराम-2 लाख, तारा दत्त रानी-16 लाख, गोपाल दत्त गुणवंत-20 लाख, हेमा बधानी-34 लाख, रमा रावत-8 लाख, संतोष पंत-50 लाख, आनंद सिंह-20 लाख, कांता महरा-6 लाख, ममता बोरा-4 लाख, शोभा बिष्ट-16 लाख, घनानंद बेलवाल-10 लाख, सरोज कैड़ा-12 लाख, भगवती नयाल- 5 लाख, शोभा गोस्वामी- 13 लाख, मीरा गिन्टी- 8 लाख, लक्ष्मी बिष्ट के 14 लाख रुपये कंपनी ने नहीं लौटाए। इनके अलावा कई अन्य लोग भी हैं जिनकी धनराशि कंपनी की ओर से नहीं दी गई है।
---वर्जन---
मामले की प्राथमिक जांच के बाद मुकदमा दर्ज करा दिया है। विस्तृत जांच के लिए एक पुलिस अधिकारी को नियुक्त कर दिया गया है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद तत्काल आवश्यक और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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-पंकज भट्ट, एसएसपी नैनीताल
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