हल्द्वानी। इसे सिस्टम की बदहाली कहेंगे कि सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में सोमवार को अपनी बारी का इंतजार कर रहे कारोबारी की सांसें बैठे-बैठे थम गईं। अगर बीमार व्यक्ति की सुध समय पर ली जाती तो शायद उनकी जान बच जाती। मौत की वजह हार्टअटैक बताई जा रही है। पहचान नहीं होने पर पुलिस ने शव मोर्चरी रखवा दिया। रात में परिजनों ने मृतक की पहचान की। मंगलवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के मुताबिक आवास विकास निवासी गुरदीप गुलाटी (57) की तिकोनिया पर टायर की दुकान है। सोमवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी तो वह पहले निजी चिकित्सक से दवा ले कर आए। आराम नहीं मिलने पर अकेले ही एसटीएच पहुंच गए। यहां ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। वहां बैठे-बैठे अचानक उनकी सांसें थम गईं। जांच में मौत की पुष्टि होने पर डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मेडिकल चौकी पुलिस ने व्यापारी का शव मोर्चरी भिजवा दिया लेकिन पहचान न होने की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। देर शाम तक पुलिस ने शिनाख्त कर परिजनों को अनहोनी की सूचना दी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। कारोबारी के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। घटना से परिजनों में मातम है।