हल्द्वानी। उम्र का प्रमाण पत्र अब वृद्धावस्था पेंशन में बाधक नहीं बनेगा। उन्हें वृद्धावस्था पेंशन के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन ने वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। नए पात्रों की जांच कर सरकारी अधिकारी प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। राज्य में 3,68,671 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है, जबकि 1,19,881 विधवा पेंशन धारक और 58,547 विकलांग पेंशन धारक हैं। जुलाई से सितंबर तक इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। नए पात्रों को पेंशन योजना का लाभ देने के लिए सरकार ने प्रक्रिया को सरल किया है। वृद्धावस्था पेंशन के पात्र के पास अगर प्रमाण पत्र नहीं है तो सरकारी डाक्टरों को मेडिकल के आधार पर जांच कर प्रमाण पत्र जारी करना होगा। विधवा महिला के पास पति का मृत्यु प्रमाण पत्र न होने पर इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। विधवा होने की जांच एसडीएम को कर प्रमाण पत्र जारी कराना होगा। विकलांगों के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि कैंप लगाकर प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। समाज कल्याण निदेशक वीएस धानिक ने बताया कि शासन के नए निर्देशों को लागू कराने के लिए जिलाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इससे नए पात्रों को पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।