हल्द्वानी। कोतवाली पुलिस ने नकली मोबिल ऑयल फैक्ट्री के गिरफ्तार संचालक संजीव शर्मा को एसीजेएम कोर्ट में सोमवार शाम पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इस मामले में तीन आयल कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर भी बरामद माल का निरीक्षण करने के लिए आए थे लेकिन उनका कहना था कि नकली ऑयल की जांच नोएडा के केमिस्ट ही करेंगे। इस मामले में कंपनी के मुख्यालय को सूचना भेज दी गई है। इधर, आरोपी की फैक्ट्री को भी सील कर दिया गया। मोबिल ऑयल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर की सूचना पर एसओजी और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मल्ला गोरखपुर में रविवार दोपहर छापा मारकर नकली मोबिल ऑयल की मिनी फैक्ट्री का खुलासा किया था। पुलिस ने दो कमरों में रखे असली और नकली मोबिल ऑयल से भरी सैकड़ों बाल्टियाें, ड्रमों समेत लगभग 50 लाख से अधिक कीमत का माल बरामद किया था। पुलिस को मौके पर नकली मोबिल ऑयल को पैक करने के उपकरण भी मिले। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री मालिक संजीव शर्मा मोबिल ऑयल बेचने का लाइसेंस नहीं दिखा सका। बताया कि वह दिल्ली से पिछले दस सालों से मोबिल ऑयल का धंधा कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मिनी फैक्ट्री के संचालक संजीव शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी फैक्ट्री को भी सील कर दिया है। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को भारत पेट्रोलियम के अभिजीत पनारी, हिंदुस्तान पेट्रोेलियम और सर्वो के मनीष गोयल को बुलाया गया था लेकिन उन्होंने जांच करने में असमर्थता जताई। डिस्ट्रीब्यूटरों ने जांच के लिए अपनी कंपनी के केमिस्टों को बुलाया है। संभावना है कि शीघ्र ही केमिस्ट जांच के लिए हल्द्वानी आएंगे।