रामनगर। लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को गर्जिया मंदिर के पास दुर्लभ प्रवासी पक्षी आईविसबिल को देखा गया। इस बार यहां इनका जोड़ा आया है। ग्राम ढिकुली निवासी प्रकृति प्रेमी संजय छिम्वाल और नेचर गाइड करन बिष्ट ने बताया कि यह दुर्लभ प्रवासी पक्षी आईविसबिल रूस, साइबेरिया जैसे अति शीत वाले क्षेत्रों से आते हैं। उन्होंने बताया कि कोसी बैराज समेत कई स्थानों पर माहभर पहले ही रडी शैल डक, कार्मोरेंट, सुरखाब, ब्राह्मणी, पनकौव्वा आदि नामों से पहचाने जाने वाले प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है, जिन्हें देखने के लिए देशी, विदेशी पर्यटकों समेत क्षेत्रवासियों में भी खासी उत्सुकता रहती है।