हल्द्वानी। प्रकाश पांडे के बहनोई उमेश मेलकानी ने आरोप लगाया कि उनके साले को मारा गया है। उनका कहना था कि अस्पताल में भर्ती होने पर ही प्रकाश की हालत खराब हो गई थी। उसे अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टरों का कहना था कि बाहर लेकर जाने पर प्रकाश को बचाना मुश्किल होगा। उमेश के अनुसार रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत अस्पताल आए थे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को बेहतर डॉक्टर बुलाने और अच्छे ढंग से इलाज कराने के निर्देश दिए थे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। यदि यही काम मुख्यमंत्री पहले कर देते तो प्रकाश की जान बचाई जा सकती थी। उमेश का कहना था कि उन्हें सिर्फ टहलाया जाता रहा। अस्पताल प्रशासन भी प्रकाश के स्वास्थ्य के बारे में झूठ बोल रहा था। प्रकाश की मौत पहले हो चुकी थी। साले की मौत से बुजुर्ग माता-पिता की हालत खराब हो गई है। परिवार चलाने के लिए प्रकाश की पत्नी के पास कोई जरिया नहीं है। इसी कारण उन्होंने नौकरी की मांग रखी थी। उमेश के अनुसार बुजुर्ग माता पिता के इलाज के बारे में नेता प्रतिपक्ष ने भरोसा दिया है।