हल्द्वानी। 24 अक्तूबर को होने वाले दशहरा पर्व के लिए रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतले बनाने का काम शुरू हो गया है। दशहरे पर हल्द्वानी रामलीला मैदान में जलने वाले रावण और रावण परिवार के पुतलों का निर्माण करने में बहेड़ी के सीकरी से पहुंचे शंभू बाबा और 18 लागों की टीम जुटी है। शंभू बाबा पिछले 60 साल से हल्द्वानी में दशहरे के लिए पुतला निर्माण करते आ रहे हैं।
श्रीरामलीला मैदान में बांस के डंडों और खपच्चियों से पुतला निर्माण कर रहे शंभू बाबा ने बताया कि इस बार रावण का 55 फुट का पुतला तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा सुबाहु, ताड़का, खरदूषण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला भी तैयार किया जा रहा है। इनकी ऊंचाई 40 से 45 फुट रखी गई है। पुतला निर्माण में करीब तीन लाख का खर्च आता है। बताया कि उनके पिता रामसिंह और दादा बाबू राम भी हल्द्वानी रामलीला मैदान में पुतला निर्माण करने आते थे।
आकर्षक पुतलों के लिए लोगों में रहता है क्रेज
पुतले बनाने में बांस, डोरा, सुतली, रंगीन पेपर, रद्दी का काफी उपयोग किया जाता है। शंभू बाबा के अनुसार पुतलों को लेकर लोगों में क्रेज रहता है। पुतलों को जितना आकर्षक और ऊंचा बनाएंगे वे उतनी चर्चा का विषय बनेंगे। हर बार पुतलों में कुछ नया करने की कोशिश रहती है लेकिन यह काम आखरी चरण में होता है।
बांस की डंडियों से बना लेते हैं हर चीज
75 वर्षीय शंभू बाबा का बहेड़ी में आश्रम भी है। पुतलों के अलावा वह सीमेंट की मूर्तियां, रामलीला मंचन के लिए बांस के धनुष आदि सामान भी बनाते हैं।