हल्द्वानी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने पेंशन धारकों को डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र देने के कड़े नियमों में ढील की है। अब पेंशन धारक पीएफ दफ्तर में जाकर भी जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं हालांकि इस रियायत को पाने के लिए पेंशन धारकों को वाजिब वजह बतानी होगी। इससे कुमाऊं के 7500 से ज्यादा पेंशन धारकों को फायदा मिलेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पेंशन धारकों को डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र अनिवार्य किया है। इस प्रमाण पत्र में आधार कार्ड को पीएफ खाते से लिंक कराना जरूरी है। साथ ही पेंशन धारक की आंखों, अंगुलियों के बायोमीट्रिक प्रविष्टि अनिवार्य की है। इधर डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र देने में यह शिकायतें सामने आईं कि बुजुर्गों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन, आंख की बीमारी, उम्र ज्यादा होने से उंगलियां मैच नहीं हो पा रही हैं। इस पर श्रम मंत्रालय ने पेंशन धारकों को रियायत दी है। पेंशन धारक बैंक अधिकारी से सत्यापित जीवित प्रमाण पत्र भी पीएफ दफ्तर में जमा कर सकता है। इस बाबत पेंशन धारक को ऑनलाइन में आ रही समस्याओं की वजह बतानी होगी। विभाग इसकी जांच भी कर सकता है। जिन पेंशन धारकों ने पिछले साल पेंशन के दस्तावेजों में आधार कार्ड जमा कर दिया है, वह पेंशन धारक भी दफ्तर में जाकर जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकता है। कुमाऊं में पीएफ के 20,000 पेंशनधारक हैं, जिनमें 12,500 को पेंशन मिल रही हैं। बाकी 7500 पेंशन धारक को इस बदलाव का फायदा मिलेगा।
अगर पेंशन धारक वाजिब वजह से डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र दे नहीं पा रहे हैं, वह दफ्तर में आकर जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
- कार्तिकेय सिंह, क्षेत्रीय आयुक्त, पीएफ हल्द्वानी।