फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: घर पहुंचने से पहले बह गया 50 लाख लीटर पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। गैसपाइप लाइन, केबल लाइन बिछाने समेत दूसरे कामों के लिए सड़क को खोदा गया, इसके चलते एक सुविधा का रास्ता तो बना, लेकिन पेयजल लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है। शहर में दो महीने में एक-दो नहीं, बल्कि पेयजल लाइन में ढाई सौ जगह लीकेज हुए। इससे एक तरफ लोगों को पेयजल का संकट का सामना करना पड़ा तो दूसरी तरफ हर दिन करीब 50 लाख लीटर पानी की बर्बादी हुई। लाइनों की मरम्मत में जुटे जल संस्थान के पसीने छूटे गए।
विज्ञापन

शहर में 60443 पेयजल कनेक्शन हैं। जल संस्थान के माध्यम से प्रतिदिन 90 मिलियन लीटर पानी की जरूरत होती है, लेकिन जल संस्थान बमुश्किल 82 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर पाता है। यह पूरा पानी लोगों के घरों तक लीकेज के चलते पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
जल संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, दो माह में शहर में अलग-अलग जगहों पर 250 लीकेज हुए। इसके चलते प्रतिदिन 50 लाख लीटर पानी बर्बाद हुआ। सबसे अधिक लीकेज की समस्या रामपुर रोड पर रही, इसके बाद नैनीताल रोड पर लाइनें लीक हुईं। अधिकारियों के अनुसार गैस पाइप लाइन बिछाने, दूर संचार केबल बिछाने के अलावा निजी लोगों के अनाधिकृत तौर पर कनेक्शन लेने के चलते पेयजल लाइनों को नुकसान पहुंचा। इसी वजह से लीकेज हुए हैं।
विज्ञापन

लाइन टूटने से रामपुर रोड पर कई दिन तक बड़े इलाके में पानी का संकट रहा था। काफी मशक्कत के बाद पेयजल लाइनों को ठीक किया जा सका।


इन क्षेत्रों में रही लीकेज की समस्या : नैनीताल रोड, बरेली रोड, कालाढूंगी रोड, रामपुर रोड, डहरिया, लालडांठ रोड, कमुलुवागांजा, जर्ज फार्म, इंदिरानगर, राजपुरा।



रामपुर रोड और नैनीताल रोड में सबसे अधिक लीकेज
हल्द्वानी। रामपुर रोड और नैनीताल रोड में सबसे अधिक लीकेज की समस्या मिली है। विभाग बीते दो माह में कई बार इन इलाकों में पेयजल लाइनों की मरम्मत करा चुका है लेकिन अभी भी कई जगहोंं लीकेज से पानी की बर्बादी हो रही है।

===

कोट- शहर की पेयजल लाइनाें में लीकेज और लाइनलॉस से रोजाना 50 लाख लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। विभाग ने अब तक ढाई सौ लाइनों में लीकेज को ठीक करवा दिया है लेकिन कई जगह पेयजल लाइन पुरानी होने के कारण अभी भी लीकेज की समस्या बनी हुई है। कई जगहों पर दूसरी लाइन बिछाने से परेशानी देखने को मिल रही है जिन पर टीम काम कर रही है।
विज्ञापन

- रविशंकर लोशाली, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें