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Nainital News: हल्द्वानी की सड़कों पर हिचकोले खाइये, दो किमी में 425 गड्ढे

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माई सिटी रिपोर्टर
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हल्द्वानी। अगर आप कहीं जा रहे हैं तो घर से तय समय से पहले निकलें, क्योंकि शहर की सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। डामर उखड़ गया है और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे न सिर्फ समय अधिक लग रहा है, बल्कि वाहनों में टूट-फूट और हादसे होने का भी खतरा बना हुआ है। हर 10 कदम पर जानलेवा गड्ढा है। सड़कों की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को छह प्रमुख सड़काें का जायजा लिया तो सवा दो किलोमीटर सड़क पर 425 गड्ढे मिले। इन सड़कों पर अधिकतर जगह सर्फेस खराब मिला। यहां वाहनों की रफ्तार भी 20 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक नहीं थी।
लोगों का कहना था कि गड्ढों के कारण वाहनों के शॉकर खराब हो रहे हैं। टूट-फूट बढ़ गई है। डीजल, पेट्रोल भी अधिक खर्च हो रहा है। ई-रिक्शा चालक बोले कि कई बार उनके वाहन गड्ढों में पलट रहे हैं। इससे यात्री चोटिल हो रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि सड़कों पर उखड़े डामर की बजरी वाहनों से छिटककर दुकानों में आ रही है।
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तिकोनिया वर्कशॉप लाइन से केमू स्टेशन 900 मीटर सड़क पर 135 गड्ढे
हल्द्वानी। तिकोनिया वर्कशॉप लाइन से केमू स्टेशन तक वाहनों का दबाव अधिक रहता है। यहीं से रोडवेज और केमू की बसों का संचालन होता है। नैनीताल मार्ग पर अधिक दबाव होने पर लोग इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। बाजार और बनभूलपुरा को जाने वाले लोग भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। यह सड़क इतनी खराब है कि यहां आप 20 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक रफ्तार से वाहन नहीं चला सकते हैं। इस सड़क पर 135 गड्ढे हैं। नगर निगम ने सड़क के गड्ढे भरने के लिए ईटें लगा दी हैं। इसके बाद भी यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं।



केमू से रेलवे स्टेशन जानी वाली 300 मीटर सड़क पर 45 गड्ढे
हल्द्वानी। केमू स्टेशन से रेलवे स्टेशन जानी वाली सड़क भी खराब है। दो साल से इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। इस सड़क की लंबाई 300 मीटर है। यहां 45 गड्ढे हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण यहां लगातार जाम लग रहा है। सड़क पर छह से आठ इंच तक गड्ढे बने हुए हैं।



चोरगलिया रोड छतरी चौराहे से रेलवे फाटक तक 500 मीटर सड़क पर 50 गड्ढे
हल्द्वानी। चोरगलिया रोड छतरी चौराहे से रेलवे फाटक तक की सड़क गौलापार आने-जाने वाले लोगों का मुख्य मार्ग है। इसकी लंबाई 500 मीटर है। इस सड़क पर 50 गड्ढे हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।



रेलवे बाजार रामलीला मोहल्ला 250 मीटर सड़क खराब
रेलवे बाजार रामलीला मोहल्ले में जल निगम ने डेढ़ साल पहले सीवर लाइन बिछाई थी। तब से यह सड़क खुदी हुई है। सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क की मिट्टी को समतल तक नहीं किया गया है।



माल गोदाम रोड 300 मीटर सड़क पर 30 गड्ढे
हल्द्वानी। माल गोदाम रोड का प्रयोग रेलवे स्टेशन से चोरगलिया रोड और रेलवे बाजार को जाने के लिए किया गया है। ये सड़क नगर निगम की है। 300 मीटर लंबे मार्ग में 30 गड्ढे हैं।



एसडीएम कार्यालय के सामने से वर्कशॉप लाइन को जाने वाली सड़क पर 15 गड्ढे
हल्द्वानी। एसडीएम कार्यालय के ठीक सामने वाली सड़क वर्कशॉप लाइन को जाती है। इस सड़क पर 15 गड्ढें हैं। मुख्य सड़क से मुड़ते ही पेट्रोल पंप के सामने गड्ढे हैं। सड़क खत्म होने पर जब वर्कशॉप लाइन को मुड़ते हैं तो यहां 10 मीटर सड़क पूरी तरह उखड़ी हुई है।



वाहनों की रफ्तार कम होने से लग रहा जाम
हल्द्वानी। नगर निगम के पास निगम क्षेत्र में 350 किलोमीटर सड़क है। इसमें से कई मुख्य मार्ग हैं। इन मार्गों में से सबसे व्यस्त मार्ग वर्कशॉप लाइन से चोरगलिया रोड है। इस मार्ग की लंबाई 900 मीटर है। इन सड़कों पर वाहनों की स्पीड 10 से 20 किलोमीटर प्रतिघंटा ही रह रही है। इस कारण जाम लग रहा है।


बढ़ रहे कमर, गर्दन और पीठ दर्द के मरीज
उबड़-खाबड़ रास्तों पर वाहन चलाने से कमर, गर्दन और पीठ में दर्द की शिकायत हो सकती है। साथ ही कभी-कभी स्लीप डिस्क होने का खतरा बना रहता है। इस तरह के कई मरीज बेस अस्पताल में आ रहे हैं।
- डॉ. पीएस खोलिया हड्डी रोग विशेषज्ञ।




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हर साल मेंटेनेंस लगेगा, पर ध्यान से बनाएं तो इतना खर्च नहीं करना पड़ेगा
सड़कों के निर्माण के लिए हमें दो स्तर पर सोचना चाहिए। पहला सड़कों की ड्राइंग-डिजाइन और दूसरे निर्माण की गुणवत्ता। सड़क निर्माण के लिए एक आदर्श मापदंड यह है कि सड़क में कहीं भी पानी नहीं रुकना चाहिए। डामर का सबसे बड़ा दुश्मन पानी है। शहर में बनाई जाने वाली ज्यादातर सड़कों पर ढाल का ध्यान ही नहीं रखा गया है। सड़क के बीच से दोनों किनारों की ओर ढाल होना चाहिए। किनारों की नालियां सड़क से नीचे रहें, ताकि पानी बहकर सीधे इन्हीं में जाए। दूसरा, सड़कों की गुणवत्ता पर ध्यान देना भी जरूरी है। डामर के नीचे का लेयर अच्छी तरह से ठोस होना चाहिए।


लोगों की पीड़ा -

रोजे हो रहे हैं हादसे, कोई नहीं सुधलेवा
शहर में सड़कों की हालत खस्ता होने से हर रोज लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। पर प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। अगर शहर में सड़कों की हालत ठीक होती तो हादसे कम होते हैं। दो साल से रेलवे स्टेशन को जाने वाली सड़क खराब है। -अजहर

पैदल चलना भी हो जाता है मुश्किल
गड्ढों में वाहन चालक अपना नुकसान कर लेते हैं। इन पर वाहन तो दूर की बात है, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बारिश के बीच उनकी दुकान के सामने सड़क पर हुए गड्ढे के कारण कई बार ई-रिक्शा पलट चुके हैं।
- नवाब शाह

तुरंत गड्ढे भरवाए जाने चाहिए
विकास के दावे तो खूब हो रहे हैं, लेकिन सड़कों की हालत देखकर लगाया जा सकता है कि निर्माण में गुणवत्ता कितनी है। सड़कों की हालत इतनी बुरी है कि लोग अक्सर हादसों का शिकार हो रहे हैं। सड़कों के गड्ढे तुरंत भरवाए जाने चाहिए। - देवेंद्र कांडपाल


वाहनों को हो रहा है नुकसान
गड्ढों के कारण मेरे ई-रिक्शा के दोनों शॉकर लीक हो गए हैं। कई बार कमानी का पट्टा टूट जा रहा है। ई-रिक्शा एक बार चार्ज करने में कम चल रहा है। दिन में दो बार चार्ज करना पड़ रहा है।
-अमन ई-रिक्शा चालक
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व्यापार हो रहा है प्रभावित
गड्ढों के कारण सड़क से धूल उड़ रही है। दुकानों में रखे समान पर धूल जम जा रही है। कई बार समान से धूल उड़ानी पड़ रही है। ग्राहक कम आ रहे हैं। व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों को जल्द कदम उठाना चाहिए।
-विकास गोयल

वाहनों में शॉकर की बढ़ गई है समस्या
बाइक में शॉकर खराब होने की समस्या आजकल अधिक आ रही है। अधिकांश लोग शॉकर सही कराकर ले जा रहे हैं। कुछ दिन बाद वह खराब हो जा रहा है। ग्राहक उनसे इस बात के लिए लड़ते हैं कि उन्होंने शॉकर सही से नहीं बनाया।
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नावेद खान बाइक सर्विस सेंटर



अफसरों का कोट -
वर्कशॉप लाइन की सड़क की डीपीआर लोक निर्माण विभाग से बनवाई है। बजट मिलने के बाद सड़क बनाई जाएगी। दो दिन में सड़क के गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-पंकज उपाध्याय नगर आयुक्त

वर्कशॉप लाइन की सड़क सीएम घोषणा की में हैं। लोनिवि ने डीपीआर बनाकर भेज दी है। बजट मिलने के बाद सड़क का काम शुरू किया जाएगा।
-अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी।
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