भीमताल (नैनीताल)। महादेवी वर्मा सृजन पीठ उमागढ़ रामगढ़ में दो दिवसीय स्त्री और लेखन विषयक एवं विज्ञान संगोष्ठी आयोजित की गई। इसका समापन हो मंगलवार को गया। संगोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार मंगलेश डबराल ने कहा कि साहित्यिक जीवन में दिए योगदान के लिए महादेवी वर्मा को नहीं भूला जा सकता है। साहित्यकार सतीश जायसवाल ने कहा कि महादेवी वर्मा ने साहित्य को बढ़ाने के लिए बेहद बड़े-बड़े काम किए। गीता गैरोला ने कहा कि हिंदी साहित्य में महिला प्रतिरोध की शुरुआत महादेवी वर्मा ने की थी। कवि कुंवर रविंद्र ने कहा भी उनके जीवन शैली में प्रकाश डाला। सृजन पीठ के निदेशक प्रो. देव सिंह पोखरिया ने कहा कि साहित्य जगत में महादेवी वर्मा अमूल्य धरोहर है। उनको कभी नहीं भूला जा सकता है। इस दौरान राजेश सकलानी, डॉॅ. नंदकिशोर हटवाल, डॉॅ. नूतन गैरोला, नीलिया शर्मा, मृदुला शुक्ला आदि साहित्यकारों ने संबोधित किया। इस दौरान शोध अधिकारी मोहन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।