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हल्द्वानी में बिकने वाली 40 प्रतिशत सामग्री मिलावटी

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हल्द्वानी। नैनीताल जिले में बिकने वाली खाद्य सामग्री में मिलावट बढ़ रही है। दूध, घी, तेल, मसाले, नमकीन, बटर-पनीर, मिठाइयां ही नहीं बच्चों के खाने-पीने की सामग्री में भी मिलावट की जा रही है। नैनीताल जिले में नौ महीनों में ही 30 प्रतिशत खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई गई है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने नैनीताल जिले में जनवरी 2022 से लेकर 20 सितंबर तक 195 सैंपल भरे थे इसमें से 173 सैंपल की ही रिपोर्ट अभी तक प्राप्त हुई है। इसमें से 50 सैंपल जांच में खरे नहीं उतरे हैं। ये सभी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थे। फूड सेफ्टी एक्ट के तहत मिलावट करने वालों को 10 साल तक की सजा व 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
किसमें कितनी मिलावट
मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट के 52, तेल, घी के 25, मिठाई, नमकीन और ब्रेकरी प्रोडक्ट के 35, मसाले के 15, अनाज, दालों के 37 और अन्य उत्पादों के 31 सैंपल लिए गए। इसमें सबसे अधिक मिलावट दूध और दुग्ध उत्पाद, तेल और मसालों में मिली है। इसके अलावा मिठाई, ड्राई फूट में भी मिलावट पाई गई है। बड़े-बड़े ब्रांड के उत्पाद अधोमानक पाए गए हैं।
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मसालों में कलर, दूध में पानी
मिलावटखोर हमारी सेहत से खिलवाड़ करने से नहीं बाज नहीं आ रहे। मसालों में वे सूखे डंटल के साथ कलर मिला रहे हैं। लाल मिर्च में लाल रंग, हल्दी में पीला व धनिया में हरा रंग मिला रहे हैं। दूध में फेट कम और पानी ज्यादा तो देसी घी में वनस्पति मिला रहे हैं। दाल-दलहन में भी कलर व कंकर डाले जा रहे हैं। दूध की मिठाई में मिलावटी मावा डाला जा रहा है।
जनवरी 2022 से सितंबर तक लिए सैंपल
सैंपलों की संख्या - 195
प्राप्त जांच रिपोर्ट की संख्या 173
अधोमानक 43
मिथ्थाछाप 05
असुरक्षित 02
विभाग लगातार मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। सैंपल लगातार लिए जा रहे हैं। नौ महीनों में 53 कंपनी और लोगों के खिलाफ वाद दायर किया गया है। कई पर जुर्माना भी लगाया गया है।
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- संजय सिंह जिला अभिविहीत अधिकारी
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