कुमाऊं। मोटर वाहन अधिनियम में हुए बदलाव के बाद नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर में आज से 431 सरकारी वाहन कबाड़ हो जाएंगे। सरकारी विभाग आज से इन वाहनों का इस्तेमाल राजकीय कार्यों के लिए नहीं कर सकते हैं। सबंंधित वाहनों को नीलाम किया जाएगा। ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ से कबाड़ हो रहे वाहनों के आंकड़े पता नहीं चल सके हैं।
नैनीताल जिले में मोटर वाहन अधिनियम में हुए संशोधन के बाद 303 सरकारी वाहन कबाड़ की श्रेणी में आ गए हैं। नियम के तहत इनको स्क्रैपिंग यार्ड में दिया जाना है। हालांकि स्क्रैपिंग यार्ड के लिए आवेदन ही नहीं हुआ है। नियम के तहत 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को सेवा नहीं लिया जाएगा। दूसरा नियम ये है कि इन सरकारी वाहनों को साधारण कबाड़ियों को नहीं दिया जाएगा। वाहनों को परिवहन विभाग की ओर से अधिकृत स्क्रैप डीलर को ही दिया जाएगा। अब तक नैनीताल जिले में किसी कंपनी ने स्क्रैपिंग यार्ड के लिए ठेका ही नहीं लिया है। परिवहन विभाग के अनुसार एक कंपनी ने इसके लिए आवेदन किया था लेकिन मानकों पर खरा नहीं होने के कारण उसका आवेदन निरस्त कर दिया है। जब तक स्क्रैपिंग यार्ड नहीं बन जाता तब तक पुराने सरकारी वाहनों को अपने पास रखने की जिम्मेदारी विभागों को ही होगी। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में सबसे ज्यादा पुराने वाहन वन विभाग और पुलिस के हैं। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि स्क्रैपिंग यार्ड में वाहन को देने से पहले उसकी नीलामी की जाएगी।
पुराना वाहन चलाया तो धारा 144 में मिलेगा दंड
हल्द्वानी। एक अप्रैल से अगर 15 साल पुराना सरकारी वाहन पंजीकरण विहीन हो जाएगा। इसके बावजूद अगर कोई भी पुराना वाहन चलते हुए मिला तो यह धारा 39 का उल्लंघन होगा। ऐसा करने पर संबंधित विभाग पर धारा 192 के तहत कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ प्रवर्तन नंद किशोर ने कहा कि सभी सरकारी विभाग सहयोग करें और पुराने वाहनों को सेवा में न लाएं।