हल्द्वानी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/अपर सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने बालिका से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
ग्राम हल्दीखुर्द मीरगंज बरेली निवासी वाजिद अली उर्फ बबलू तीन साल पहले लालकुआं क्षेत्र में किराए पर रहता था। उसके पड़ोस में 11 साल बालिका भी परिवार के साथ किराए पर रहती थी। 30 दिसंबर 2020 को वह बालिका को बहला-फुसलाकर बरेली ले गया था। अगले दिन वह फतेहगंज के जंगल ले गया और बालिका के साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद वह एक सुनसान घर में ले गया। वहां भी दुष्कर्म किया। लड़की विरोध करती तो वह जान से मारने की धमकी देता। लड़की किसी तरह एक महिला के सहारे फतेहगंज के पास एक पुलिस चौकी में पहुंची। वहां की पुलिस ने लड़की से पूछताछ कर तुरंत लालकुआं पुलिस को सूचना दी।
लालकुआं पुलिस ने एक जनवरी 2021 को वाजिद के खिलाफ पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। 21 जनवरी को उसे गिरफ्तार कर लिया। शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि पीड़िता की ओर से उन्होंने आठ गवाह प्रस्तुत किए।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/अपर सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह ने 23 अगस्त को फैसला सुनाते हुए वाजिद को दोषी ठहराया। उसे अधिकतम 20 साल की सजा सुनाई गई और 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। साथ ही पीड़िता को क्षतिपूर्ति की संस्तुति करते हुए चार लाख रुपये प्रतिकर दिए जाने का भी निर्देश दिया है।