नैनीताल। बारिश का पानी सीवर में न बहाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जिला प्रशासन भी जाग चुका है। डीएम ने जल संस्थान को पत्र जारी कर इस काम के क्रियान्वयन के लिए विभिन्न अलग विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर चार टीमों का गठन करने को कहा है। इसमें जिला विकास प्राधिकरण, जल संस्थान, सिंचाई विभाग और नगर पालिका शामिल है। इसके तहत चारों विभागों के शामिल कर्मियों की टीम गठित कर सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इसमें दो दिनों में टीम ने 84 आवासों का सर्वे किया। इसमें 22 आवास ऐसे पाए गए जिनका वर्षा का पानी सीवर लाइन से जुड़ा हुआ था। इनमें से तीन कनेक्शनों को टीम की ओर से सीवर लाइन से अलग किया गया। जल संस्थान ईई संतोष उपाध्याय ने बताया कि डीएम की ओर से 15 मार्च तक सर्वेक्षण कार्य पूरा कर प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं। इस पर गठित टीमों की ओर से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के छतों का पानी सीवर लाइन से जुड़ा है विभाग उनका चालान करेगी।
छत का पानी सीवर लाइन से जोड़ने वालों का होगा चालान
बरसाती पानी को सीवर लाइन से हटाने के लिए चार टीमों का किया गठन