नैनीताल। झारखंड आदिवासी आंदोलन से जुड़ी नेता, कवयित्री जसिंता केरकेट्टे का नैनीताल पहुंचने पर लोगों ने स्वागत किया। बैठक का भी आयोजन किया गया। बैठक में जसिंता ने कहा कि झारखंड में रहने वाले आदिवासियों को उनकी जमीनों से विरत किया जा रहा है जो बेहद चिंता का विषय है। कहा कि उत्तराखंड में भी पंचेश्वर बांध के नाम पर लोगों से उनकी जमीनों को छीना जा रहा है जो ठीक नहीं है। कहा कि इसके लिए सभी को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। जसिंता ने कहा कि वह वर्तमान में झारखंड में रहने वाले आदिवासियों के साथ उनके जल, जंगल, जमीन के लिए आंदोलन चला रही हैं, जिसमें उनको क्षेत्र के लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है। कहा कि वर्तमान में आदिवासियों को माओवादी, नक्सलवादी बताकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है जो किसी भी दशा में ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र, राज्य सरकार आदिवासियों की जमीनों को बिना उनकी अनुमति के लिया जा रहा है। इससे उनके जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पंचेश्वर बांध के खिलाफ सभी को एकजुट होकर आगे आने की जरूरत है। इस दौरान पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, डॉ. उमा भट्ट, डॉ. अनिल कार्की, महेश जोशी, भारती जोशी, हेमलता तिवारी, संदीप तिवारी, पी. जोशी आदि थे।