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नैक निरीक्षण को लेकर एमबीपीजी कालेज की टेंशन बढ़ी

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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में नैक निरीक्षण को लेकर कॉलेज प्रशासन की टेंशन बढ़ गई है। रंगाई पुताई का काम भी शुरू नहीं हो सका है।
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एमबी कॉलेज की नैक की मान्यता पिछले वर्ष समाप्त हो चुकी है। इस कारण रूसा से भी विकास कार्यों के लिए कॉलेज को कोई वित्तीय अनुदान नहीं मिल सका है। अब नैक निरीक्षण अगस्त के पहले सप्ताह में होना तय हो गया है लेकिन इसके बावजूद तैयारियां अधूरी हैं। लोकसभा निर्वाचन कार्यालय बनने की वजह से कई जगह टूटफूट दुरुस्त नहीं हो सकी है। लोकसभा निर्वाचन कार्यालय हटने के बाद करीब एक माह बीतने पर कॉलेज की साज-सज्जा और विद्यार्थियों के लिए की जाने वाली जरूरी सुविधाएं दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। इन सभी कार्यों को छात्रनिधियों से कराने के लिए कॉलेज प्रशासन ने उच्चशिक्षा निदेशालय को पत्र भेज कर स्वीकृति मांगी थी मगर निदेशालय ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इधर, प्राचार्य डॉ. जीएस बिष्ट ने सोमवार को नैक निरीक्षण को लेकर गठित कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की तथा सभी विभागों को अपनी-अपनी व्यवस्थाएं 30 जून तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी जरूरी व्यवस्थाएं जल्द से जल्द पूरी करने की कोशिश है। प्राचार्य ने कहा कि उनकी कोशिश है कि महाविद्यालय को नैक निरीक्षण में ए ग्रेडिंग प्राप्त हो सके।


नैक निरीक्षण : एमबी कॉलेज प्रशासन की टेंशन बढ़ी
प्राचार्य ने कमियों को जल्द पूरा करने को समीक्षा बैठक की

क्या-क्या हैं कमियां
- खेल मैदान में लालबहादुर शास्त्री सभागार बनवाने के कारण मानक के अनुरूप क्रीड़ा मैदान की कमी है।
- यूजीसी के मानकों के आधार पर लाइब्रेरी का न होना। अब रीडिंग रूम तैयार कराया जा रहा है।
- कॅरिअर काउंसलिंग सेल सक्रिय न होना।
- परिसर में पेयजल, सफाई की बेहतर व्यवस्था न होना।
- कंप्यूटर लैब, प्रयोगशालाओं की स्थिति लचर होना।
- छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के अभिलेख पूर्ण न होना।
- विषयवार परीक्षा परिणाम की स्थिति अच्छी न होना।
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