बाजपुर में जिला चीनी मिल कर्मचारी यूनियन, तराई चीनी मिल मजदूर यूनियन, चीनी मिल मजूदर सभा और सहकारी चीनी मिल कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से मिल महाप्रबंधक को पत्र भेजकर पेराई सत्र का शुभारंभ किसी कैबिनेट मंत्री से कराए जाने का विरोध किया है। सोमवार को जीएम को भेजे पत्र में कहा गया है कि मिल श्रमिकों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। 13 महीने से भविष्य निधि जमा नहीं हुई है। डेढ़ साल पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हुआ है। किसानों को करीब 27 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कांग्रेस शासनकाल में बैंक से 34 करोड़ टर्म लोन दिलाकर गन्ना मूल्य का भुगतान कराया था। जिसका मूलधन और ब्याज सहित प्रतिमाह एक करोड़ 10 लाख रुपये भुगतना पड़ रहा है। इससे मिल आर्थिक संकट में है। आठ महीने मंत्री और शासन स्तर से कोई मदद नहीं की गई। श्रमिक ओर मिल प्रशासन हताश होकर पेराई सत्र की तैयारियों में जुटा है। 6 दिसंबर को होने वाले पेराई सत्र का शुभारंभ किसी मंत्री से नहीं कराकर किसान और मजदूर से कराया जाए। पत्र में कहा है कि पेराई सत्र के आमंत्रण पत्र में उत्तराखंड मंत्री गण का नाम छपवाया गया है तो श्रमिक विरोध करेंगे। पत्र में यशपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामानंद, गेंदराज के हस्ताक्षर हैं।