नैनीताल। हाईकोर्ट ने बदरीनाथ केदार नाथ मंदिर समिति को भंग करने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को आधारहीन पाते हुए खारिज कर दिया है। न्यायाधीश केएम जोसफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इससे पूर्व हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मंदिर समिति को भंग करने के सरकार के फैसले को सही ठहराया था। खंडपीठ के इसी आदेश के खिलाफ मंदिर समिति ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। बृहस्पतिवार को खंडपीठ ने यह याचिका खारिज की। इससे पूर्व मंदिर समिति के सदस्य दिवाकर चमोली व दिनकर बाबुलकर ने सरकार के मंदिर समिति को भंग करने वाले एक अप्रैल 2017 के आदेश को हाईकोर्ट की एकलपीठ में चुनौती दी थी। इसमें एकल पीठ ने सरकार के आदेश को निरस्त कर मंदिर समिति को बहाल किया था। सरकार ने आठ जून 2017 को मंदिर समिति को फिर भंग किया। इस आदेश को मंदिर समिति ने फिर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। एकलपीठ ने फिर समिति को बहाल करने का आदेश दिया। एकलपीठ के इस आदेश को सरकार ने खंडपीठ में चुनौती दी थी। खंडपीठ ने पूर्व में एकलपीठ के आदेश को निरस्त कर सरकार के आदेश को सही मानते सरकार की विशेष अपील को निस्तारित कर दिया था। अब बदरीनाथ केदार नाथ मंदिर समिति को भंग करने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को कोर्ट ने आधारहीन पाते हुए खारिज कर दिया।
मंदिर समिति ने खंडपीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल की थी पुनर्विचार याचिका
खंडपीठ ने मंदिर समिति को भंग करने के आदेश को सही माना था