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जमीनी प्रयासों से ही बचेगा पर्यावरण-चंडीप्रसाद भट्ट

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फाइकस गार्डन रामनगर - फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कल्पतरु वृक्षमित्र संस्था ने यहां कोसी बैराज, बेलगढ़ गांव के पास फाइकस उद्यान बनाया है। इस संस्था ने दो दिनी स्थापना दिवस मनाया। इसके समापन सत्र में आमंत्रित चिपको आंदोलन के प्रणेता, पर्यावरणविद पद्मभूषण चंडीप्रसाद भट्ट ने मंगलवार को फाइकस उद्यान का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय फाइकस उद्यान को नागरिक समाज की अनूठी पहल बताया। उन्होंने संस्था से जुड़े स्वयंसेवकों से मुलाकात कर अनुभव बांटे। पर्यावरण के प्रति बढ़ते खतरे का मुकाबला जमीनी प्रयासों से करने का आह्वान किया। दशोली ग्राम स्वराज्य संघ चमोली के वयोवृद्ध संस्थापक, पर्यावरणविद भट्ट ने फाइकस उद्यान में लगाए गए दो हजार से ज्यादा पौधों की सुरक्षा के उपायों पर खुशी जताई। कहा कि जमीनी काम ही असली चीज है। आप लोग इसी तरह अपना काम करते रहो। जमीनी काम अपने आप बोलता है। यदि आप इसी प्रकार संगठित रह कर कार्य करते रहेंगे तो भविष्य में आपकी संस्था के कार्यक्षेत्र का विस्तार भी होगा। वह पर्यावरण से जुड़े अन्य कार्य भी करेगी। इसे छोटे शहर की बड़ी पहल बताया। कहा कि स्थानीय लोगों ने सामूहिक प्रयास से अनूठा उदाहरण पेश किया है क्योंकि अंत: प्रेरणा से किया गया कार्य संतोष प्रदान करता है। संगठन में हमेशा टीम भावना को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने चिपको आंदोलन से जुड़ी यादें भी साझा की। इस दौरान मितेश्वर आनंद, गणेश रावत, अनुपम शुक्ल, कौशिक मिश्र, बबलू गुप्ता, सुमित लखौटिया, प्रखर गुप्ता, मदन बिष्ट, सच्चिदानंद भारती, खीमानंद बेलवाल, वसीम रजा, परवेज, अजय पांडेय, आरएस भंडारी, बीएस डंगवाल थे।
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