नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित हरमिटेज में मंगलवार से जलवायु परिवर्तन संबंधी पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। यह कार्यशाला भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) भोपाल के सहयोग से हो रही है। इसके प्रथम सत्र का उद्घाटन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वहाबउद्दीन ने किया। उन्होंने हिमालय क्षेत्र में हो रहे जलवायु परिवर्तन की जानकारी दी। इसके कारण, लक्षण, बचाव के उपाय सुझाए। कई अन्य विशेषज्ञों ने भी हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न विसंगतियों से बचने की सलाह दी। कार्यशाला में 30 प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। इनमें डॉ. यूसी दुम्का, डॉ. पारुल ऋषि, डॉ. बीके उपाध्याय, डॉ. अमिताभ पांडेय आदि शामिल रहे।