नैनीताल। उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में मीडिया वर्कशॉप चल रही है। इसके दूसरे दिन प्रतिभागियों को आपदा के दौरान सोशल, वेब मीडिया के बेहतर प्रयोग के बारे में बताया गया। दून विवि से आए गौरव तिवाड़ी ने कहा कि सोशल, वेब मीडिया का प्रभाव वर्तमान समय में काफी तेजी से बढ़ रहा है। पलक झपकते कोई भी सूचना दुनियाभर में फैल जाती है। उन्होंने कहा सोशल मीडिया की इस ताकत का प्रयोग आपदा के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए किया जा सकता है। अगर वेब मीडिया की जानकारी को तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया जाए तो ये राहत बचाव की दृष्टि से बेहतर हो सकती है। तिवाड़ी ने बताया कि एनआईडीएन दिल्ली की ओर से सोलर लालटेन बनाया गया है, जिसको लेकर उनके साथ कुछ सुझाव भी साझा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके सोलर लालटेन में वाईफाई, जीपीएस, आरएफआईडी लगाने की बात कही गई है, जिसका प्रयोग कर कुछ आपदा संभावित क्षेत्रों में प्रयोग करने से एक नेटवर्क स्थापित किया जा सकता है। इससे आपदा के समय जानकारी समय पर प्रदान हो सकती हैं। उत्तराखंड मुक्त विवि के प्रोफेसर जीएस पांडे ने आपदा के दौरान मीडिया किस प्रकार काम कर सकता है। उसके प्रभावों की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. मंजू पांडे आदि रहे।