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ग्रामीण विकास का सीधा संबंध है देश की अर्थव्यवस्था से

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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज एंड डेवलपमेंट रिसर्च (आईपीएसडीआर) में ग्रामीण विकास के दो पाठ्यक्रम बनाए गए हैं। इसके लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। इसमें एचआरडीसी के निदेशक प्रो. बीएल साह ने कहा कि ग्रामीण विकास का सीधा संबंध देश की अर्थव्यवस्था से है। राष्ट्रीय ग्रामीण संस्थान परिषद की प्रतिनिधि सरवनी पांडे ने बताया कि विकास एजेंसियों के लिए ग्रामीण विकास का एक मिशन बनता जा रहा है। नामित नोडल अधिकारी प्रो. अतुल जोशी ने बताया कि एमबीए इन रूरल मैनेजमेंट का पाठ्यक्रम उत्तराखंड की आर्थिक, सामाजिक, भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जो नये सत्र से (2018-19) से आईपीएसडीआर कुविवि नैनीताल में संचालित किया जाएगा। बताया कि ग्राम्य अध्ययन (रूरल स्टडी) को एक जरूरी विषय के रूप में सभी पीजी पाठ्यक्रमों में पढ़ाए जाने पर भी विचार किया गया। कार्यशाला में प्रो. एलएस बिष्ट, प्रो. एलएम तिवारी, प्रो. पीसी पांडे, डॉ. बीना पांडे, डॉ. आशीष तिवारी, डॉ. एसडी तिवारी, डॉ. सीएस जोशी, डॉ. अमित जोशी, डॉ. कुमुद उपाध्याय, डॉ. सारिका जोशी, वैशाली बिष्ट, मनोज पांडे, राकेश शर्मा, ललित मोहन पंत आदि थे।
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