उच्च न्यायालय नैनीताल ने ऋषिकेश की बापू ग्राम पंचायत को नगर निगम में शामिल किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सरकार को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बापू ग्राम गांव की प्रधान अनीता असवाल और अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि बापू ग्राम पंचायत वन क्षेत्र में है। इसको वन क्षेत्र से बाहर किए बिना नगर निकाय में शामिल नहीं किया जा सकता है। सरकार की ओर से नौ नवंबर और 18 दिसंबर 2017 को जारी शासनादेश को चुनौती देते हुए याची ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत पंचायतों को अपना कार्यकाल पूरा किए बगैर भंग नहीं किया जा सकता है। 2014 में हुए चुनाव के चलते उनका कार्यकाल अभी बचा हुआ है। ऋषिकेश को नगर निगम घोषित करने के लिए इस पंचायत को निकाय में शामिल करने का शासनादेश किया गया है। एकलपीठ ने सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।