हल्द्वानी। ब्यूरा खाम में सागौन के दो पेड़ और मलबा आपदा राहत में रोड़ा बन गया है। पेड़ों की वजह से पोकलैंड मलबा और बोल्डर नहीं हटा पा रही है। वहीं अभी तक निकाला गया मलबा निस्तारण भी कार्यदायी संस्था के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। ब्यूरा खाम में दो हफ्ते पूर्व पहाड़ी दरकने से आपदा आई थी। आधा दर्जन घरों में मलबा व बोल्डर घुस गया था। प्रशासन ने ब्यूरा खाम में आपदा में हीलाहवाली की थी। खीम सिंह डंगवाल और कमला गड़िया के घर के आगे आए बोल्डर अभी भी नहीं निकाले जा सके हैं। गड़िया के घर के आगे तो पांच फिट का तीन सौ किलो का पत्थर है जिसे मानव श्रम से नहीं हटाया जा सकता है। अगर पोकलैंड से हटाया जाए तो समस्या यह हो गई कि पोकलैंड की राह में सागौन के दो पेड़ रोड़ा बन गए है। ग्रामीणों का कहना है कि इन पेड़ों को काटने के लिए कई दफा वन विभाग से अनुमति मांगी गई लेकिन आरओ ने साफ इंकार कर दिया। जब उन्होंने डीएफओ का नंबर मांगा तो इंकार कर दिया। गुस्साए स्वर में कहा कि आपदा का जिम्मेदार वन अब आपदा सुरक्षा में भी रोड़ा बन रहा है। फिलहाल कार्यदायी संस्था ने वहां मलबा हटाकर वायर क्रेटस बनाने का काम शुरू कर दिया है। दूसरी समस्या मलबा निस्ताण की है, मलबा फेंकने के लिए आई ट्राली बार बार फंस जा रही है