नैनीताल। उच्च न्यायालय ने गंगा नदी के उद्गम गोमुख में भूस्खलन होने व झील बनने से खतरा होने के मामले में याचिकाकर्ता को प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश के एम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दिल्ली निवासी अजय गौतम ने गंगा नदी के उद्गम गोमुख में भूस्खलन होने व झील बनने से खतरा होने के मामले में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। खंडपीठ के समक्ष सरकार ने जवाब दाखिल किया। इस जवाब में जिलाधिकारी उत्तरकाशी की ओर से सचिव आपदा प्रबंधन को भेजी आधिकारिक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट में भागीरथी नदी क्षेत्र में किसी तरह का भूस्खलन होने व झील बनने की रिपोर्ट को खारिज किया है। साथ ही कहा है कि भागीरथी ने रास्ता नहीं बदला है। कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट और फोटो भी संलग्न किए गए हैं। याची द्वारा पूरक शपथपत्र पत्र दाखिल करने के लिए समय मांगा तो खंडपीठ ने अगली सुनवाई दस जनवरी नियत कर दी।