रामनगर (नैनीताल)। बाघ के हमले में घायल एक सांभर कोसी बैराज के गेट पर फंस गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कोसी बैराज के गेट नंबर एक पर बृहस्पतिवार शाम नदी के टीले पर सांभर फंस गया। सिंचाई विभाग ने इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी। सूचना पर वहां पहुंचे वन बीट अधिकारी वीरेंद्र प्रसाद पांडे ने बैराज में फंसे सांभर को बाहर निकाला। वह उसे रेंज कार्यालय ले गए। जहां पशु चिकित्सक ने उसका उपचार किया लेकिन इसके कुछ देर बाद सांभर की मौत हो गई। यह सांभर करीब साढ़े तीन वर्ष का नर था। करीब 3-4 दिन पूर्व उसकी गर्दन पर जंगल में बाघ ने हमला किया था, जिससे उसका जबड़ा सड़ने लगा था। इस कारण वह भूखा था। गर्दन पर भी गहरे घाव थे। स्वयं को बचाने के लिए रास्ता भटककर शहर के पास पहुंच गया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की तीसरी अनुसूची में सांभर का नाम दर्ज होने के कारण पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को नष्ट किया गया।