नैनीताल। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, जिसके चलते प्रदेश के अंतिम गांव तक होम स्टे योजना को लागू किया जा रहा है। नैनीताल में वाहनों का दबाव कम करने के लिए काठगोदाम, कालाढूंगी से नैनीताल तक रोपवे बनेगा। इसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। महाराज ने शुक्रवार को टीआरसी सूखाताल में पत्रकारों को बताया कि प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पर्यटक पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश के सीमांत क्षेत्र के अंतिम गांव नीति, माणा, कुटी, सिरखा, दूग्तु, दातू, सौंन, बानिंग सहित कई गांवों में होम स्टे योजना के तहत कार्य किए जा रहे हैं। होम स्टे के तहत ग्रामीणों को प्रति व्यक्ति 800 रुपये का भुगतान भी किया जा रहा है। वायसराय ट्रेल, फूलों की घाटी आदि क्षेत्रों को लोकप्रिय बनाया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में हेलीपेड बनाकर हेली सर्विस शुरू होगी। पर्यटकों को हिमालय दर्शन करवाया जाएगा। नैनीझील के किनारे मोनो रेल चलाने का भी प्रस्ताव है। उन्होंने बताया सरकार पर्यटन के माध्यम से प्रदेश में रोजगार सृजन को प्रयासरत है। इस दौरान विधायक संजीव आर्य, केएमवीएन के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल, उपनिदेशक पर्यटन जेसी बेरी, एमडी केएमवीएन टीएस मर्तोलिया, भाजपा नेता भानु पंत, गोपाल रावत, संजय वर्मा, कुंदन बिष्ट, दयाकिशन पोखरिया, बहादुर सिंह रौतेला आदि थे।