नैनीताल। उच्च न्यायालय ने ग्राम रक्षकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने के मामले में सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पिथौरागढ़ निवासी चंचल सिंह व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि ग्राम प्रहरियों की नियुक्ति 2004 में हुई थी। राजस्व और नियमित पुलिस को शांति व्यवस्था कायम रखने में सहायता करने के उद्देश्य से सरकार ने यह व्यवस्था की थी। उन्हें प्रतिमाह एक हजार मानदेय दिया जाता है। इतने कम मानदेय से उनके और उनके परिवार का गुजारा नहीं हो पाता है। याचिका में न्यूनतम वेतन देने के प्रावधान लागू करने के निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।