नैनीताल। उच्च न्यायालय ने बागेश्वर निवासी चित्रा पाठक को उत्तराखंड की शिक्षक पात्रता परीक्षा के दूसरे दौर में शामिल करने का निर्देश दिया है।
चित्रा पाठक ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कहा था कि उसे उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की ओर से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी-2, 2017) में शामिल नहीं किया जा रहा है। उसने (चित्रा पाठक) 54 प्रतिशत अंकों के साथ परास्नातक उपाधि हासिल की है और कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से बीएड किया है। याची पात्रता परीक्षा में शामिल होने की योग्यता रखती है। उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के भी संबंध में कई फैसले हैं। पात्रता परीक्षा के लिए विद्यालयी शिक्षा परिषद (रामनगर) ने स्नातक परीक्षा में न्यूनतम 45 प्रतिशत की बाध्यता रखी है। न्यायमूर्ति वीके बिष्ट ने शिक्षा परिषद 29 अगस्त 2017 को जारी विज्ञापन के तहत कराई जा रही परीक्षा में याची को शामिल करने का आदेश दिया।