खटीमा। ह्वलारी बाला ह्वलारी, य मेरी बालैकी क्यैल कोसी बाला क्यैल कोसी के बोलों पर साथ गौरा-शिव की बाललीला का धार्मिक स्थलों पर मंचन किया जा रहा है। पीलीभीत मार्ग चारूबेटा कालोनी स्थित बिल्वेेश्वर मंदिर परिसर में तीसरे दिन भी गौरा महेश की बाललीला का कार्यक्रम हुआ। गोल घेरे में बैठी महिलाएं एक के बाद एक गोरा और महेश की मूर्तियों को गोद में लेकर नचाती हैं। बाद में महिलाएं झोड़ा-चाचरी पर उत्तराखंड के परंपरागत गीतों पर झूम उठती हैं। इसके अतिरिक्त सातूं आठूं के विभिन्न ग्रामों में खासी धूम रही है।