नैनीताल के मल्लीताल चीना बाबा चौराहा स्थित दो मंजिल भवन में लगी भीषण आग की चपेट में आकर 15 कमरे जल गए। इसमें सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के 12 कमरे समेत भवन स्वामी का आवास भी था। स्कूल भवन को नुकसान के बाद वहां पढ़ने वाले 126 छात्रों को विद्यालय की ही दूसरी शाखा में शिफ्ट कर दिया गया है। अग्निकांड में छह करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। मंगलवार शाम चीना बाबा स्थित दो मंजिल भवन में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग भवन की ऊपरी मंजिल तक पहुंच गई। भवन स्वामी अशोक लाल साह ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर के 12 और आवास के तीन कमरे आग की चपेट में आ गए। आवास के भीतर लाखों का फर्नीचर, कीमती सामान भी पूरी तरह जल गया है। बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि अग्निकांड में छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 126 छात्र नरेंद्र अजय साह जगाती सरस्वती विद्या मंदिर में लेंगे शिक्षा प्रधानाचार्य जगदीश तिवारी ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे आग लगने का पता लगा। तब उनके साथ कमरे में बेटा व बेटी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय में पांचवीं कक्षा तक 126 छात्र अध्ययनरत हैं जिन्हें पापुलर कंपाउंड स्थित नरेंद्र अजय साह जगाती सरस्वती विद्या मंदिर में शिफ्ट कर दिया गया है। बताया कि अग्निकांड में स्कूल के रिकाॅर्ड भी राख हो गए हैं। नैनीताल में 83 में से 63 फायर हाइड्रेंट ही सही नैनीताल में आग की घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार व्यवस्थाएं जुटाने में नाकाम रहे हैं। नैनीताल में स्थित सभी हाइड्रेंट सही हालत में नहीं हैं। जल संस्थान के ईई रमेश गर्ब्याल ने बताया कि शहर में मौजूद 83 फायर हाइड्रेंट में 63 क्रियाशील हैं। 20 फायर हाइड्रेंट में आठ पर काम चल रहा है और 12 फायर हाइड्रेंट को ठीक करने के लिए 12 लाख रुपये का स्टीमेट भेजा गया है। कुमाऊं आयुक्त ने अग्निकांड का जायजा लिया कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत बुधवार को नुकसान का जायजा लेने पहुंचे। कुमाऊं आयुक्त ने कहा कि मामले में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। सरकार की तरफ से जो भी राहत राशि देय है, वह उपलब्ध कराई जाएगी। फायर ब्रिगेड की ओर से तत्परता से आग बुझाने का कार्य किया गया। इस मौके पर प्राधिकरण सचिव विजयनाथ शुक्ल, एसडीएम नवाजिश खलिक, सीएफओ गौरव किरार, ईओ रोहिताश शर्मा, ईई जल संस्थान रमेश गर्ब्याल, एसडीओ पर्यंक पांडे मौजूद रहे। पालिकाध्यक्ष डॉ.सरस्वती खेतवाल ने भी घटनास्थल पहुंचकर प्रभावित लोगों से बातचीत की।