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उम्रकैद की सजा बरकरार

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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोपी को निचली अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विकासनगर (देहरादून जिला) थाने में तीन जुलाई 2015 को पीड़िता के पिता ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि उसकी नौ वर्षीय बेटी को अनिल बहला-फुसलाकर बाग में ले गया। बाग में बेटी को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की जांच की और आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो देहरादून की अदालत ने 30 जनवरी 2017 को आरोपी को आजीवन करावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
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दुष्कर्म के मामले के आरोपी की सजा बरकरार
निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी
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