हल्द्वानी/नैनीताल। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्तराखंड में कुल 12583 वादों का निस्तारण कर एक अरब रुपये से अधिक की समझौता धनराशि तय की गई। हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सह कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी के निर्देशन में हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति सहित सभी जिलों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित हुई। हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ में 42 वादों का निस्तारण कर 2.32 करोड़ की समझौता राशि तय की गई। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अल्मोड़ा में 128 वाद निस्तारित कर 1.11करोड़, बागेश्वर में 72 वाद निस्तारित कर 37 लाख, चमोली में 56 वाद निस्तारित कर 1.75 करोड़, चंपावत में 118 वाद निस्तारित कर 6.71 लाख, देहरादून में 1884 वाद निस्तारित कर 8.62 करोड़, हरिद्वार में 1646 वाद निस्तारित कर 3 करोड़, नैनीताल में 1006 वाद निस्तारित कर 3.45 करोड़, पौढ़ी गढ़वाल में 662 वाद निस्तारित कर 1.36 करोड़, पिथौरागढ़ में 216 करोड़ वादों का निस्तारण कर 96 लाख, रुद्रप्रयाग में 57 वादों का निस्तारण कर 10 लाख, टिहरी गढ़वाल में 386 वादों का निस्तारण कर 1.48 करोड़, ऊधमसिंह नगर में 1818 वादों का निस्तारण कर 16.91 करोड़, उत्तरकाशी में 127 वादों का निस्तारित कर 93 लाख की समझौता राशि वसूल कराई। इसके अलावा 4303 प्री लिटिगेशन वादों का निस्तारण कर 13.89 करोड़, ऋण वसूली अधिकरण देहरादून ने 57 वादों का निस्तारण कर 48.45 करोड़ और उपभोक्ता न्यायालय ने सात वादों का निस्तारण कर 2.50 लाख की समझौता राशि निर्धारित की।