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टाइप वन डायबिटीज सबसे खतरनाक

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हल्द्वानी। मधुमेह को लेकर राज्य में रोगियों को लेकर कोई स्टडी नहीं हुई है। आईसीएमआर डायबिटीज मरीजों को लेकर देश के कई राज्यों में अध्ययन कर रही है। आबादी के 12 प्रतिशत लोग डायबिटीज के शिकार हैं जबकि प्रत्येक माह हल्द्वानी में डायबिटीज के 50 नए रोगी सामने आ रहे हैं। टाइप वन डायबिटीज सबसे अधिक खतरनाक है।
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टाइप वन डायबिटीज जन्म से ही होती है। पेनक्रियाज से बनने वाला इंसुलिन न बनने के कारण टाइप वन डायबिटीज होती है। इंसुलिन न बनने के कारण बीटा सेल्स डैमेज हो जाते हैं। टाइप वन डायबिटीज से ग्रस्त लोगों का जीवन बिना इंसुलिन के संभव नहीं है। खास बात यह है कि अनियमित दिनचर्या के कारण टाइप टू डायबिटीज अब 20 से 25 वर्ष के युवाओं में देखने को मिल रही है। जबकि टाइप टू डायबिटीज पहले 40 के बाद होती थी।

टाइप वन डायबिटीज सबसे खतरनाक
पेनक्रियाज में इंसुलिन न बनने के कारण जन्म से होती है
इंसुलिन के बिना जीवन संभव नहीं। आबादी में 12 प्रतिशत लोग शुगर से ग्रस्त
प्रत्येक माह शुगर के 50 नए मरीज आते हैं
विश्व मधुमेह दिवस आज

ये हैं मधुमेह के लक्षण
- अधिक थकान लगना।
- भूख और प्यास ज्यादा लगना एवं मूत्र अधिक आना।
- घाव का न भरना, फोड़े और फुंसी होना।
- त्वचा के इंफेक्शन होना और आंखों की रोशनी कम होना।
- शरीर में सूजन आना और चोट लगने के बाद रक्त देर में बंद होना।

जंक फूड, आइसक्रीम, बिगड़ती जीवन शैली डायबिटीज का मुख्य कारण हैं। कुर्सियों पर बैठे-बैठे काम करना और गाड़ियों में घूमने की आदत बीमारी का कारण बन रही है।
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- डॉ. नीलांबर भट्ट, वरिष्ठ फिजिशियन
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