हल्द्वानी। हाथी के पांव तले कुचले मृतक के परिजनों को वन महकमे से मुआवजा नहीं मिला है वहीं वन महकमे का दावा है कि परिजन कागजों की खानापूर्ति पूरी नहीं कर सके हैं। गौलापार किशन नगरी गांव में हाथियों का जबरदस्त आतंक है। यहां हाथी फसल बर्बाद कर देते हैं। इस पर गांव वाले रात रातभर जाग कर फसल की रक्षा करते हैं। पिछले माह हाथी को खेत से भगाने के दौरान हाथी ने भीम सिंह पडियार को कुचल दिया था, हादसे में घायल पडियार की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद उसकी मां भगवती देवी बेटे का पीपलपानी करने आई थी तो उसे भी जंगल में हाथी ने घायल कर दिया था। इधर करीब एक माह बीतने की कगार पर है और पडियार के परिजनों को मुआवजा नहीं मिला है। छकाता की रेंजर शालिनी जोशी ने बताया कि मृतक के परिजनों के दस्तावेज पूरे नहीं हो पा रहे हैं विभाग ने सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है, परिजन कागजात सौंपते ही मुआवजा दे दिया जाएगा।